श्यामला ट्रस्ट द्वारा गेयटी थियेटर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर “मातृ नमन कार्यक्रम” को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मातृशक्ति की भूमिका को समाज और राष्ट्र की नींव बताते हुए कहा कि माताएं जब ठान लेती हैं तो उनके रास्ते में कोई भी बाधा नहीं टिक सकती। उन्होंने कहा कि माँ के बिना हमारे अस्तित्व की कल्पना भी संभव नहीं है, क्योंकि जीवन के संस्कार, संघर्ष और सफलता की जड़ में माँ का त्याग, प्रेम और मार्गदर्शन होता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मातृ नमन जैसे कार्यक्रम केवल सम्मान नहीं, बल्कि मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि माँ जीवन को अर्थ, दिशा और संवेदनशीलता देती है तथा उसके संस्कारों से ही परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त बनते हैं। इस अवसर पर अपने संघर्षों के बल पर बच्चों को आगे बढ़ाने वाली माताओं को सम्मानित किया गया।
उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के अनुभव साझा करते हुए मातृशक्ति की संवेदनशीलता और आत्मबल के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि माताओं के लिए संघर्ष जीवन का हिस्सा होता है, जिसे वे साहस और धैर्य के साथ निभाती हैं।
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उनके शासनकाल में आधुनिक भारत की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के प्रसार, कृषि, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान दिया। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, विष्णुपद और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे अनेक मंदिरों के जीर्णोद्धार में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से हाल ही में लोकमाता अहिल्याबाई की जन्म त्रिशताब्दी मनाई गई, जिससे उनके योगदान को नई पहचान मिली। जयराम ठाकुर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।


