पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह हार की बौखलाहट में जनादेश और जनप्रतिनिधियों का लगातार अपमान कर रहे हैं।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकारकर भाजपा को जनादेश दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और विजयी जनप्रतिनिधियों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों को लेकर दिया गया बयान भी जनादेश का अपमान था।
उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में परिजनों की उपस्थिति एक पारंपरिक और सम्मानजनक परंपरा रही है, लेकिन सरकार ने जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण में परिजनों और मीडिया को शामिल न करके अपनी “नाराजगी और बौखलाहट” दिखाई है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार पहले दिन से ही जनमत को नकारने और चुने हुए प्रतिनिधियों को दबाव में लेने का प्रयास कर रही है, ताकि स्थानीय निकायों के अध्यक्ष चुनाव में समर्थन हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारियों का भी दुरुपयोग किया जा रहा है और भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों को परेशान करने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने स्थानीय निकाय अध्यक्ष पद के चुनाव की समयसीमा में बदलाव कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है। पहले यह चुनाव सात दिनों के भीतर कराने का प्रावधान था, जिसे बदल दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने इसे लोकतंत्र और संविधान विरोधी कदम बताते हुए कहा कि भाजपा किसी भी सूरत में “जनादेश की चोरी” नहीं होने देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह जनादेश को स्वीकार करें और जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, अन्यथा यह रवैया सरकार के लिए नुकसानदायक साबित होगा।



