मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा अभियान “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
इसी अभियान के तहत जिला कांगड़ा पुलिस ने “ऑपरेशन नया सवेरा” के माध्यम से एक संगठित अंतरराज्यीय हेरोइन (चिट्टा) तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय था।
पुलिस जांच में सामने आया कि पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक साहोता इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जिसने जिले में वितरण तंत्र तैयार कर सप्लाई चैन को मजबूत किया हुआ था। यह गिरोह मानव कूरियर, गुप्त डिलीवरी पॉइंट, डिजिटल लोकेशन शेयरिंग, क्यूआर कोड भुगतान और बैंक खातों के जरिए लेन-देन कर रहा था।
गोपनीय सूचनाओं, तकनीकी निगरानी और समन्वित छापेमारी के आधार पर हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सप्लायर, वितरक और कूरियर शामिल हैं। अभियान में 167.18 ग्राम हेरोइन, 18 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और एक वाहन बरामद किया गया, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत 23 मामले दर्ज किए गए हैं।
जांच में इस नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का भी खुलासा हुआ है। वित्तीय जांच में लगभग ₹80 लाख के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं, जिनमें हाल के महीनों में करीब ₹39 लाख की ट्रांजेक्शन शामिल हैं। संबंधित बैंक खातों और संपत्तियों की जांच जारी है। अभियान के दौरान नेटवर्क से जुड़े 184 नशा उपयोगकर्ताओं की भी पहचान की गई है, जिनके लिए प्रशासन द्वारा काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार, “ऑपरेशन नया सवेरा” ने इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है और “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण सफलता है। मामले की जांच अभी जारी है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने में दें, ताकि गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए त्वरित कार्रवाई की जा सके।



