जिला उद्योग केंद्र कांगड़ा में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में एमएसएमई योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में कांगड़ा सहित हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और चंबा जिलों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र हमीरपुर के महाप्रबंधक भगत ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कांगड़ा के प्रबंधक गुलाब सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों ने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला में वरिष्ठ सलाहकार (RAMP) संदीप शर्मा ने MSME क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख योजनाओं—RAMP, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा SIDBI की MSE-GIFT और MSE-SPICE योजनाओं—पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इसके अलावा उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश की सुश्री विधिशा शर्मा ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (MSE-CDP) की उपयोगिता और उसके प्रभावी कार्यान्वयन पर प्रस्तुति दी।
पाँच जिलों से आए 25 से अधिक अधिकारियों की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम को संवाद, समन्वय और ज्ञान-विनिमय की दृष्टि से बेहद उपयोगी बताया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिला स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना और प्रशासनिक समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।



