उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के रेज़िंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम के तहत क्लब सिल्क रूट बैंक्वेट हॉल, किन्नौर में GeM, CPP और स्मार्ट MSME पोर्टल्स पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना था।
कार्यक्रम में उद्यमियों को Government e-Marketplace (GeM), Central Public Procurement Portal (CPP) और स्मार्ट MSME पोर्टल्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सत्र के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया, निविदा में भागीदारी, अनुपालन आवश्यकताएं तथा डिजिटल खरीद प्रणाली के माध्यम से व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सरकारी खरीद प्रणाली में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना और पारदर्शी व तकनीक-आधारित प्रक्रियाओं का लाभ उठाने के लिए सक्षम बनाना था।
जिला उद्योग केंद्र (DIC) किन्नौर के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमियों को GeM और अन्य सरकारी पोर्टलों पर पंजीकरण कर अपनी पहुंच बढ़ानी चाहिए तथा सरकारी खरीद के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थानीय उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और उन्हें विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला में जिले के 68 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया और संवादात्मक सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हुए प्रक्रियात्मक पहलुओं पर अपने प्रश्न रखे तथा सरकारी माध्यमों से व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ और विभाग ने राज्य में MSME विकास, डिजिटल समावेशन और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



