हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से बुधवार को गंज बाजार में महिला अधिकारों को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया।
सुरेंद्र चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा जहां उन्होंने अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित न की हो। उन्होंने कहा कि महिलाएं जो संकल्प लेती हैं, उसे पूरा करके दिखाती हैं। सरकारों द्वारा महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कई कानून लागू किए गए हैं, फिर भी समाज में उत्पीड़न की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनकी जानकारी प्रत्येक महिला तक पहुंचना आवश्यक है। महिलाओं को अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और चुप नहीं बैठना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों की पूर्ण जानकारी होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी के अभाव में महिलाएं अपने हक के लिए आवाज नहीं उठा पातीं। महिलाओं से जुड़े कानूनों का ज्ञान उन्हें सशक्त बनाता है। उन्होंने पुरुषों से महिलाओं के प्रति अपनी सोच में बदलाव लाने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाएं केवल शोषण और प्रताड़ना के लिए नहीं हैं, उनका भी स्वाभिमान और सम्मान है। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण में महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष समान हैं और दोनों को समान अवसर तथा जिम्मेदारियां मिलनी चाहिए। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए महिलाएं सीधे महिला आयोग से संपर्क कर सकती हैं।
कार्यशाला में आयोग की सदस्य रीना दरोच ने सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह ठाकुर ने महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनों पर प्रकाश डाला। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तहसीम ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी, जबकि आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल ने वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में बताया। लॉ ऑफिसर यशपाल शर्मा ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में आयोग की सदस्य सचिव बुश्रा अंसारी ने स्वागत भाषण में आयोग द्वारा प्रदेशभर में महिलाओं के अधिकारों और संबंधित कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और कहा कि आयोग इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।



