शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वर्तमान प्रदेश सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। राज्य देश में ‘परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स’ में अग्रणी बना हुआ है और शेष बचे मानकों पर बेहतर कार्य करके इसे देश का नंबर-1 राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता और नवाचार लाने का आह्वान किया, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच के अंतर को समाप्त किया जा सके और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो।
छात्रों में पठन क्षमता विकसित करने और उन्हें देश-दुनिया की खबरों से जोड़े रखने के लिए प्रत्येक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समाचार पत्र शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शिक्षा मंत्री ने समृद्ध संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया और बताया कि सोशल ऑडिट के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए जल्द ही एचपीयू और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वार्षिक कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने समग्र शिक्षा के सेवानिवृत्त हो रहे निदेशक राजेश शर्मा की सेवाओं की भी सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में 150 सीबीएसई आधारित स्कूल (ठियोग में 04) शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार जताया। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए बेहतर परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग रखी।
उल्लेखनीय है कि जिला शिमला में कुल 444 सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट किया गया है, जिसमें बुनियादी ढांचा, शिक्षक, प्रशासन, सुरक्षा और व्यावसायिक शिक्षा जैसे प्रमुख मानदंडों का मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया में प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के साथ विस्तृत चर्चा शामिल रही, जिसकी जानकारी डाइट प्रधानाचार्य विरेंद्र चौहान, उपनिदेशक अनिल कुंद्रा और एचपीयू की विशेषज्ञ टीम द्वारा साझा की गई।


