स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा पर हिमाचल की जनता को तथ्यों से परे और राजनीतिक उद्देश्य से गुमराह करने का आरोप लगाया है।
संयुक्त बयान में दोनों मंत्रियों ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होना आम बात बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया गंभीर अनियमितताओं से प्रभावित रही और हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग भर्ती घोटालों का केंद्र बन गया था। उनका कहना था कि तत्कालीन सरकार के दौरान इन मामलों में मुख्य आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मंत्रियों ने कहा कि भाजपा सरकार के समय भर्ती घोटालों के कारण लाखों बेरोजगार युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और दोषियों को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग का गठन किया। उनके अनुसार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसी भी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि जे.पी. नड्डा द्वारा पेपर लीक का मुद्दा उठाना भाजपा सरकार के कार्यकाल की विफलताओं की याद दिलाता है। उनका आरोप था कि तथ्यों के विपरीत बयान देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्रियों ने यह भी कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने नीट परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल बना और इसके लिए केंद्र सरकार जवाबदेह है।
उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया तथा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ।



