नेशनल ज़ूओलॉजिकल पार्क (एनज़ेडपी), नई दिल्ली ने जनभागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण, पक्षियों, तितलियों और ड्रैगनफ्लाई के दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रकृति भ्रमण (नेचर वॉक) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। विशेषज्ञों संजय तिवारी और सी.बी. मौर्य के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘संडे बर्ड वॉक’ और ‘बटरफ्लाई एंड ड्रैगनफ्लाई वॉक’ शामिल थीं। इस आयोजन में छात्रों, प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हालिया बारिश के बावजूद प्रतिभागियों ने 44 पक्षी प्रजातियों के 700 से अधिक पक्षियों और विभिन्न कीट प्रजातियों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया।
इस पूरे नेचर वॉक का सबसे मुख्य आकर्षण चिड़ियाघर के तालाब और आसपास के वृक्षों पर 300 से अधिक ‘पेंटेड स्टॉर्क’ (चित्रित सारस) की उपस्थिति रही। अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में पहुंचे इन प्रवासी पक्षियों ने अब यहाँ घोंसले बनाना और प्रजनन गतिविधियों की शुरुआत कर दी है, जो चिड़ियाघर के जलीय और वृक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर स्वास्थ्य को दर्शाता है। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को परागणकों, प्राकृतिक कीट नियंत्रकों और पर्यावरण संतुलन के सूचक के रूप में इन जीवों की भूमिका के बारे में जागरूक किया। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजनों से आम नागरिकों में फील्ड-आइडेंटिफिकेशन कौशल और खाद्य श्रृंखला की व्यावहारिक समझ विकसित होती है।
गुणवत्तापूर्ण अनुभव और गहन शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संडे वॉक में प्रतिभागियों की संख्या 20 से 25 तक सीमित रखी जाती है। इसके लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर अग्रिम पंजीकरण अनिवार्य है। इच्छुक नागरिक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक दिल्ली चिड़ियाघर की आधिकारिक वेबसाइट या ‘NZP Sathi’ मोबाइल एप्लिकेशन पर उपलब्ध गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसी कड़ी में अगला आयोजन 20 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया है, जिसमें ‘इन्सेक्ट एंड स्पाइडर वॉक’ और 14वीं ‘संडे बर्ड वॉक’ का आयोजन किया जाएगा।
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