एपीजी विश्वविद्यालय में रोहित ठाकुर का बड़ा बयान

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शिमला स्थित एपीजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। विश्वविद्यालय परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जबकि विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. रमेश कुमार चौधरी ने शिक्षा मंत्री को सम्मानित किया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक स्मार्ट सेमिनार हॉल, रिक्रिएशनल हब और वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया। साथ ही विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया।

अपने संबोधन में रोहित ठाकुर ने कहा कि देवभूमि हिमाचल सदियों से ऋषि-मुनियों और विद्वानों की तपोभूमि रही है और आज शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश ने नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल की साक्षरता दर 99.3 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और शिक्षा विभाग का बजट अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवा देश की रीढ़ हैं और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना समय की मांग है। प्रदेश में निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के साथ एक केंद्रीय विश्वविद्यालय भी संचालित है, जहां देश-विदेश के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में मेरिट आधारित प्रक्रिया को अनिवार्य बताया।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। डिजिटल युग के अनुरूप नए कोर्स शुरू करने और प्रणाली को प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम हो रहा है। कम छात्र संख्या वाले 1300 स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया और कई स्कूलों का विलय किया गया है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में 7,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जबकि 4,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 600 पद सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं। प्रथम चरण में 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया टीम, मूट कोर्ट, एंटी रैगिंग, टैलेंट हंट, स्टूडेंट पार्लियामेंट और ‘एकृति’ में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया, जिसमें सरस्वती वंदना, पंजाबी नृत्य और पहाड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां शामिल रहीं।

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की सराहना की।

Women Scientists Power India’s Growth Vision

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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