विश्व बैंक समर्थित रैम्प (RAMP) योजना के तहत आज मिनी सचिवालय रामपुर बुशहर में ‘स्मार्ट एमएसएमई’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया गया था। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को आधुनिक तकनीकों (उद्योग 4.0) से जोड़कर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के विस्तार अधिकारी यशपाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के 30 से अधिक स्थानीय उद्यमियों ने हिस्सा लेकर नई तकनीकों के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञ अभिलक्ष लौ ने स्मार्ट एमएसएमई योजना पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड ईआरपी, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन लागत घटाई जा सकती है तथा ऊर्जा की खपत पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन तकनीकों की मदद से मशीनों की खराबी का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
कार्यशाला के दौरान उद्यमियों को स्मार्ट तकनीकों का सजीव (लाइव) प्रदर्शन भी दिखाया गया। इसके साथ ही जानकारी दी गई कि योजना के अंतर्गत इच्छुक औद्योगिक इकाइयों का निःशुल्क तकनीकी सर्वेक्षण किया जा रहा है और चयनित कारखानों को पायलट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जाएगी।


