राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 16वें राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन आज गेयटी थिएटर, शिमला में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल हिमाचल प्रदेश शिव प्रताप शुक्ल ने निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। समारोह के दौरान राज्यपाल ने उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को “निर्वाचन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण” विषय पर उल्लेखनीय योगदान और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सम्मान प्रदान किया।
चुनाव प्रक्रिया में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को एक विश्वसनीय, पारदर्शी और समावेशी निर्वाचन प्रणाली की आधारशिला माना जाता है। भारत जैसे सशक्त लोकतंत्र में निरंतर प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि निर्वाचन से जुड़े सभी हितधारक लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए जनविश्वास को बनाए रखने में सक्षम हों।
जिले में इस पहल का उद्देश्य निर्वाचन अधिकारियों, सुरक्षा बलों, पर्यवेक्षकों तथा अन्य संबंधित पक्षों के कौशल, ज्ञान और नैतिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना रहा। संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से निर्वाचन कानूनों, प्रक्रियाओं और ईवीएम, वीवीपैट तथा डिजिटल निगरानी उपकरणों जैसी आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में निष्पक्षता, नैतिक आचरण, मतदाता सुविधा और प्रभावी शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान दिया गया। पूर्व निर्वाचन अनुभवों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा कर कार्यकुशलता बढ़ाने, त्रुटियों को कम करने तथा अनियमितताओं की संभावनाओं को न्यूनतम करने के प्रयास किए गए।
हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, सिमुलेशन और केस स्टडी के माध्यम से भीड़ प्रबंधन, दुष्प्रचार और आपात स्थितियों जैसी चुनौतियों से निपटने की बेहतर तैयारी सुनिश्चित की गई। निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से नवाचार, अनुकूलनशीलता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा मिला है, जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन को मजबूती मिली और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति नागरिकों का विश्वास और सुदृढ़ हुआ।


