भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2022 बैच के अधिकारी सचिन शर्मा ने वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त शिमला का कार्यभार संभाल लिया। इससे पूर्व वे एसडीएम अंब के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और आमजन की शिकायतों का त्वरित व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहेगा। उन्होंने बताया कि 21 और 22 जनवरी को एंटी-चिट्टा अभियान के तहत आयोजित ग्राम सभाओं में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा जिला शिमला को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए सभी पंचायतों में योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। “आत्मनिर्भर हिमाचल” के संकल्प की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए नए नवाचार अपनाए जाएंगे। इसके साथ ही सभी पंचायतों में विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी। हरियाणा के झज्जर जिले से संबंध रखने वाले सचिन शर्मा ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर 233वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया है और निजी क्षेत्र में कार्य करने के बाद प्रशासनिक सेवा का मार्ग चुना। उनके पिता हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त निरीक्षक हैं, जबकि उनकी धर्मपत्नी डॉ. आस्था शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एवेलॉज परिसर में विधि विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं।


