मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के चरण-4 (ब्लॉक-1 और 2) का औपचारिक लोकार्पण किया। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस आधुनिक ढांचे के विस्तार से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और गति मिलेगी।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में पीजी (स्नातकोत्तर) मेडिकल सीटों की संख्या को 277 से बढ़ाकर 597 कर दिया गया है, यानी कुल 320 सीटों की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। आईजीएमसी शिमला में अब पीजी सीटें 139 से बढ़कर 230 हो गई हैं, टांडा मेडिकल कॉलेज में 99 से बढ़कर 156, और मंडी में 24 से बढ़कर 79 कर दी गई हैं। इसके अलावा नाहन, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राज्य के भीतर ही विशेषज्ञ शिक्षा के अवसर देना और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है। उन्होंने जानकारी दी कि चिकित्सा महाविद्यालयों में डॉक्टरों की उपलब्धता को 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत से अधिक कर दिया गया है, जिसे अगले एक वर्ष में 85 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और एम्स स्तर की मशीनरी की स्थापना से जनता के प्रतिवर्ष 1000 करोड़ रुपये बचेंगे, क्योंकि उन्हें इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रशासनिक सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए एक आयोग का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी निर्णय लिए जाएंगे।
Excellence in Public Health: Himachal Named Best State in TFYC 3.0


