विश्व हिंदू परिषद (VHP) हिमाचल प्रदेश द्वारा राम जन्मभूमि आंदोलन के पुरोधा और श्रद्धेय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशव्यापी आयोजनों की श्रृंखला का विधिवत शुभारंभ शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में हुआ। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह में हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता बतौर विशेष अतिथि, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक प्रो. वीर सिंह रांगड़ा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित रहे। इसके अलावा रामकृष्ण मिशन के पूज्य स्वामी तन्महिमा नंद जी महाराज का सान्निध्य और आशीर्वचन भी उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वीएचपी के क्षेत्र मंत्री लेखराज राणा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने अशोक सिंघल के प्रेरणादायी जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता बजरंग लाल बागड़ा ने अपने संबोधन में सिंघल जी के विराट व्यक्तित्व को याद करते हुए समरसता, वेद शिक्षा, संत समाज के उत्थान, गुरुकुलों के विकास और गौरक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को जनता के समक्ष रखा।
समारोह के दौरान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए वरिष्ठ महिला कारसेवक राजदुलारी सूद और योगाचार्य विनोद को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अपने मुख्य संबोधन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने देश और जन्मभूमि के प्रति कर्तव्यों, संस्कारों तथा हिंदू समाज के लिए अशोक सिंघल के समर्पण को याद करते हुए सभी से उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। वीएचपी के प्रांत अध्यक्ष डॉ. केशव वर्मा ने सभी आगंतुकों, कार्यकर्ताओं और प्रेस प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन प्रांत मंत्री अधिवक्ता तुषार डोगरा ने किया। इस आयोजन में आरएसएस, वीएचपी, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी, एबीवीपी और राष्ट्रीय सेविका समिति सहित विभिन्न संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


