राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हिमाचल प्रांत ने शिमला में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की जानकारी साझा करते हुए प्रेस वार्ता आयोजित की। इस अवसर पर प्रांत संघचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा, और प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि 13-15 मार्च 2026 को समालखा (पानीपत) में सम्पन्न तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा का शुभारंभ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता को पुष्पांजलि अर्पित कर किया। सभा में दिवंगत महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसमें हिमाचल से 21 कार्यकर्ताओं समेत देशभर से कुल 1,438 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधि सभा में देशभर में संघ कार्य की स्थिति और विस्तार पर चिंतन हुआ, जिसमें शाखाओं की संख्या 88,000 से अधिक, स्थान 55,000 से अधिक, साप्ताहिक मिलन 32,606 और मंडली 13,211 तक बढ़ी। संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत देशभर में 62,555 विजयादशमी उत्सव आयोजित हुए, जिनमें 32,45,141 स्वयंसेवक शामिल हुए और गृह संपर्क अभियान में 10 करोड़ से अधिक परिवारों से संपर्क हुआ। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 26 जिलों में 1,045 शाखाएं, 283 साप्ताहिक मिलन, 141 संघ मंडली संचालित हैं, शताब्दी वर्ष में 204 विजयादशमी उत्सव आयोजित हुए जिनमें 28,916 स्वयंसेवक शामिल हुए, गृह संपर्क अभियान में 12,22,410 घरों में संपर्क किया गया और 1,089 हिन्दू सम्मेलन संपन्न हुए। डॉ. रांगड़ा ने बताया कि संघ संगठनात्मक विस्तार के साथ समाज में गुणवत्ता संवर्धन और सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्य कर रहा है, पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को प्रेरित किया जा रहा है और भारतीय जीवन शैली एवं हिन्दुत्व के मूल्य बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में महापुरुषों के कार्यों को जाति और पंथ से ऊपर उठाकर स्वीकार करना चाहिए। संघ ने नवम गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के 350वें वर्ष पर 2,000 से अधिक कार्यक्रम किए, जिनमें 7 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए, और राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। आगामी वर्ष में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650वें प्राकट्य वर्ष पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संत रविदास जी की परंपरा समाज में भक्ति, समानता और सामाजिक सुधार का मार्गदर्शन करती है, और संघ उनके संदेश के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्यरत है।



