शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल उपमंडल के शुराचली क्षेत्र के ढाडी गांव में “विकेश पनाटू मेमोरियल” वॉलीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोजकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक हैं, बल्कि युवाओं को अनुशासन और सकारात्मक सोच की ओर भी प्रेरित करते हैं। ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार खेलों को लेकर गंभीर है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। वर्तमान में प्रदेश में 9 खेल छात्रावास संचालित हो रहे हैं, जिनमें खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ठाकुर राम लाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्थित कन्या खेल छात्रावास प्रदेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां वॉलीबाल, कबड्डी और बैडमिंटन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है
शिक्षा मंत्री ने शुराचली क्षेत्र के साथ अपने गहरे पारिवारिक और भावनात्मक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि सरकार की तमाम चुनौतियों के बावजूद क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें सड़कों का निर्माण, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना शामिल है। सावड़ा-मांदल-झगटान सड़क की मेटलिंग और टारिंग का कार्य भी प्रगति पर है।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत पर बोलते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल एक समृद्ध सांस्कृतिक राज्य है। सरकार ने निर्णय लिया है कि हर शनिवार को स्कूलों में स्थानीय बोली में संवाद कराया जाएगा ताकि बच्चों में अपनी जड़ों से जुड़ाव बना रहे।
समारोह के अंत में उन्होंने लोअरकोटि स्कूल के छात्रों की प्रस्तुति पर प्रत्येक छात्र को ₹2500 और स्थानीय नवयुवक मंडल को ₹50,000 देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया।



