नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2025 को भारतीय संविधान का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार यह विधेयक लाकर संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (यू) की अवहेलना की है, जिसमें नगर निगमों के चुनाव पांच साल के भीतर और निकाय भंग होने पर छह माह में चुनाव कराना अनिवार्य है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा, “राहुल गांधी देश भर में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, जबकि उनकी ही पार्टी की सरकार संविधान की मूल भावना को कुचल रही है।”
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पहला मौका है जब सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर संस्थानों को जानबूझकर बंद कर रही है। “सरकार पहले शिक्षकों को हटाती है, फिर ‘जीरो एनरोलमेंट’ का हवाला देकर स्कूलों को बंद कर देती है। अब तक 2000 से अधिक संस्थान बंद किए जा चुके हैं, जो राजनीतिक विद्वेष का परिणाम है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना पूरी कैबिनेट के गठन के ही संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। यह राज्य में पहली बार हुआ है, जब चुनी हुई सरकार लोगों को सुविधाएं देने की बजाय पूर्व में खोले गए संस्थानों को बंद कर रही है। जयराम ठाकुर ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव द्वारा मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता पर की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी इंडिया गठबंधन की कुंठित मानसिकता और गिरते स्तर का प्रमाण है। “दोनों नेताओं को बिहार की धरती से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। यह शर्मनाक है कि एक गरीब मां के बेटे के प्रधानमंत्री बनने की सच्चाई कांग्रेस को हज़म नहीं हो रही।”
नेता प्रतिपक्ष ने अपने निजी आवास पर भाजपा के नव निर्वाचित प्रदेश महासचिव डॉ. सिकंदर कुमार, प्रदेश सचिव तिलक राज शर्मा और युवा मोर्चा अध्यक्ष सनी शुक्ला का स्वागत किया। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं और संगठन कार्यों में समर्पित भाव से जुटने का आह्वान किया। साथ ही प्रदेश में आपदा के दौरान युवा मोर्चा की सक्रिय भूमिका की सराहना की।