पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सी-ग्रेड सेब खरीद की नई व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सी-ग्रेड सेब खरीदने के फैसले को बागवानों के साथ अन्याय बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर सेब खरीद प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता के दावे कर रही है, जबकि दूसरी ओर नए नियमों से बागवानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन बागवानों के बगीचों में 30 बोरी से अधिक सी-ग्रेड सेब का उत्पादन होगा, वे अतिरिक्त उपज का क्या करेंगे और नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के बागवान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। समय पर स्प्रे ऑयल, खाद और दवाइयां उपलब्ध न होने तथा MIS के तहत बेचे गए सेब का भुगतान लंबित रहने से बागवान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को नई पाबंदियां लगाने के बजाय बागवानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक मजबूती से उठाएगी।
जयराम ठाकुर ने मंडी के देऊरी स्कूल भवन और नगर निगम मेयर शपथ मामले में हाईकोर्ट के रुख का भी स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में सरकार की कार्यप्रणाली राजनीतिक द्वेष और तानाशाही को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि अदालत के फैसलों से सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से बच्चों को नए स्कूल भवन से वंचित रखा गया और मंडी नगर निगम की निर्वाचित मेयर को शपथ दिलाने में देरी की गई।
उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर बच्चों को नए स्कूल भवन में स्थानांतरित करे और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत शपथ दिलाए।



