विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जिला शिमला में 1 से 7 अगस्त, 2026 तक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य माताओं, परिवारों और समुदाय को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा प्रत्येक नवजात शिशु को जीवन की स्वस्थ और सुरक्षित शुरुआत सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सबसे सुरक्षित, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। शिशुओं के बेहतर पोषण, स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से प्रतिवर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इस वर्ष भी जिला शिमला सहित प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला कार्यक्रम अधिकारी, शिमला द्वारा सभी आईसीडीएस परियोजनाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नवजात शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि शिशु को कोलोस्ट्रम (पहला गाढ़ा पीला दूध) का पूरा लाभ मिल सके। साथ ही परिवारों को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध ही देने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस अवधि में शिशु को पानी, शहद, घुट्टी या किसी अन्य प्रकार का आहार न देने संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद शिशु को उचित पूरक आहार शुरू करने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने के लिए भी परिवारों को प्रेरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त गर्भवती एवं धात्री माताओं को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच, एनीमिया की रोकथाम और शिशु की समुचित देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्तनपान के प्रति सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा दिया जाएगा।
जिला शिमला की 11 आईसीडीएस परियोजनाओं, 88 पर्यवेक्षक वृत्तों तथा 2,154 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान परामर्श सत्र, गृह भ्रमण, मातृ बैठकें, सामुदायिक बैठकें और विभिन्न आईईसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए गर्भवती एवं धात्री माताओं के साथ-साथ परिवारों और समुदाय को स्तनपान के वैज्ञानिक तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ, पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिमला, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से विश्व स्तनपान सप्ताह का सफल आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी को सशक्त बनाते हुए स्वस्थ मातृत्व, स्वस्थ शैशव और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल करना है।



