हिमाचल प्रदेश भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के दिशा-निर्देशों के तहत सेंट बीड्स कॉलेज, शिमला की यूथ रेडक्रॉस इकाई ने कॉलेज सभागार में एक जागरूकता और इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। 26 अगस्त, 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “MANSA – एक संकल्प: भावनात्मक ज्ञान के माध्यम से नशा रोकथाम पर पुनर्विचार” रखा गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें जीवन में जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना था।
यह आयोजन कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सिस्टर रोजिली टी.एल. और संकाय सदस्य नेहा वालिया की उपस्थिति में हुआ। इसके अलावा, राज्य रेडक्रॉस सोसायटी का प्रतिनिधित्व करते हुए बिंदु जोशी, पल्लवी शर्मा और वीरेंद्र सिंह बिष्ट भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। मनोचिकित्सक बिंदु जोशी ने भावनात्मक जागरूकता को नशे की रोकथाम का एक प्रभावी माध्यम बताया। वहीं, रेडक्रॉस स्वयंसेवक पल्लवी शर्मा ने युवाओं में मानवीय संवेदनाओं, सहानुभूति और सामाजिक दायित्वों के महत्व को रेखांकित किया।
सत्र में मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, इंडक्शन कार्यक्रम के जरिए नए विद्यार्थियों को रेडक्रॉस आंदोलन के मूल सिद्धांतों, मानवीय मूल्यों और समाज सेवा से जुड़ी गतिविधियों से परिचित कराया गया।
इस जागरूकता अभियान में कुल 379 विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।
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