लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को सुन्नी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और परिसर में प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) के लिए चयनित स्थान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह यूनिट पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत स्थापित की जाएगी, जिसमें 50 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान अस्पताल के मौजूदा भवन को केवल आवश्यकता अनुसार ही तोड़ा जाए और पूरे भवन को ध्वस्त न किया जाए। साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग को डिज़ाइन में आवश्यक बदलाव कर प्रस्ताव को जल्द तैयार कर नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) को भेजने को कहा, ताकि जल्द कार्य आवंटित हो सके।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस यूनिट के बनने से सुन्नी और आसपास के हजारों लोगों को गंभीर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। यह सुविधा मंडी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने अस्पताल में रिक्त पदों को शीघ्र भरने और कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत के भी निर्देश दिए।
प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट एक दो मंजिला भवन में बनाई जाएगी, जिस पर लगभग 18.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसमें से 13.09 करोड़ रुपये का खर्च निर्माण कार्य पर और बाकी खर्च आधुनिक मशीनरी व उपकरणों पर होगा। यूनिट में ग्राउंड फ्लोर पर 5 इमरजेंसी बेड, 2 मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ बेड, और 2 आइसोलेशन रूम होंगे। पहली मंजिल पर 2 डायलिसिस बेड और 24 आइसोलेटेड बेड होंगे, जबकि दूसरी मंजिल पर 6 हाई डिस्पेंसरी बेड और 10 ICU बेड की सुविधा होगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने रोगी कल्याण समिति को भी आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने राजा वीरभद्र सिंह फाउंडेशन की ओर से समिति को 1 लाख रुपये का चेक भेंट किया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज कल्याण में सक्रिय भूमिका निभाना है और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदेश में समान विकास को प्राथमिकता देना है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश जायसवाल सहित कई अन्य अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



