शिमला जिले में आगामी त्योहारी सीजन और नए साल को ध्यान में रखते हुए जनवरी माह तक एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर युवाओं और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, सड़कों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए सभी उपमंडलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र से प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिन पर तुरंत बजट मुहैया कराया जाएगा। साथ ही, जिले के प्राथमिक विद्यालयों के भवनों के जीर्णोद्धार के लिए भी आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
बैठक के दौरान जिले में सड़क हादसों के चिंताजनक आंकड़े भी साझा किए गए, जिनके अनुसार वर्ष 2026 में अब तक कुल 211 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में 90 लोगों की जान चली गई, जबकि 70 लोग गंभीर रूप से और 227 लोग मामूली रूप से घायल हुए। आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया कि सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच 45 और रात 09:00 बजे से 12:00 बजे के बीच 48 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। सड़क के प्रकार के आधार पर, नेशनल हाईवे पर 95 हादसों में 14 मौतें और 133 घायल, स्टेट हाईवे पर 23 हादसों में 9 मौतें और 48 घायल, तथा ग्रामीण सड़कों पर 53 हादसों में 50 मौतें और 77 घायल दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, ओवरस्पीडिंग और रैश ड्राइविंग के 84 तथा नशे में वाहन चलाने के 7 मामले सामने आए, जबकि पूरे राज्य में 1,651 सड़क दुर्घटनाओं में 757 लोगों की मौत और 2,597 लोग घायल हुए हैं।
बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त ने वाहन चालकों से अत्यधिक सावधानी बरतने और रैश ड्राइविंग या ओवरस्पीड से बचने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी नागरिकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस विभाग को भी कड़े निर्देश दिए हैं कि नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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