सतलुज में गाद : खतरे की रिपोर्ट जल्द तैयार करें – उपायुक्त

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शिमला के उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने उपमंडल दण्डाधिकारी सुन्नी को निर्देश दिए हैं कि वे सतलुज नदी में जमा गाद से उत्पन्न संभावित खतरों की पहचान कर उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट सौंपें। यह कदम गाद हटाने के कार्य को जल्द आरंभ करने और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

उपायुक्त ने बैठक के दौरान विभिन्न विभागों, घरों, कृषि भूमि, पानी की योजनाओं, पावर हाउस, सड़कों, सीवेज लाइनों और गौशालाओं को गाद जमा होने से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सुन्नी क्षेत्र में गाद जमा होने की गंभीर समस्या और वन विभाग की रिपोर्ट पर चर्चा की गई। उपमंडल दण्डाधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि मोहाल अनु से मोहाल लुनसु तक का क्षेत्र, जो झूले वाले पुल के पास है और मोहाल लुनसु को तहसील करसोग से जोड़ता है, संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इसके अलावा, गाद के संग्रहण और निपटान के लिए नदी के बाएँ किनारे पर जमीन भी पहचान ली गई है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि यह मामला सुन्नी क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर है और उनके घरों और जीवन को खतरा उत्पन्न कर सकता है। इसलिए जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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