अनुपम कश्यप ने शुक्रवार को आपदा मित्रों के साथ बैठक कर उन्हें आपदा किट वितरित की और उनके साथ विस्तृत संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपदा मित्र समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी हैं, जो आपात स्थिति में किसी की भी जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा मित्र प्रशासन का अभिन्न अंग हैं और आपदा के “स्वर्णिम घंटे” में उनकी तत्परता कई जिंदगियां बचा सकती है। युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें खोज-बचाव, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी जैसे कार्यों में दक्ष बनाया जा रहा है, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। उपायुक्त ने आपदा मित्रों से आह्वान किया कि वे अपनी सोच, संकल्प और सेवा भाव को निरंतर विकसित करें तथा शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों में भी निपुण बनें।
बैठक में भारती, कुलदीप शर्मा, ज्यों मिश्रा, नीतीश, सार्थक चौहान, विशाल ठाकुर, मयंक भारद्वाज, साहिल ठाकुर, अपराजिता, नीलाक्षी, मीनाक्षी, खुशबू, ज्योति और लक्ष्मी सहित अन्य आपदा मित्र उपस्थित रहे।
आपदा मित्र योजना का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को प्रशिक्षित कर आपदा के समय “पहली प्रतिक्रिया टीम” के रूप में तैयार करना है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, भारी वर्षा, बर्फबारी और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके तहत युवाओं और स्वयंसेवकों को खोज-बचाव, प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।
यह पहल National Disaster Management Authority द्वारा Government of India के सहयोग से संचालित की जा रही है, ताकि आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षित आपदा मित्र स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों को गति देते हैं और समुदाय में आपदा जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, यह योजना शहर को अधिक सुरक्षित, सजग और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हो रही है।



