शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को कोटखाई उपमंडल का दौरा कर भारी वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने गुम्मा, खलटू नाला, बगैन, देवरी-खनेटी और चाशला-देवरीघाट जैसे क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का जायज़ा लिया।
उन्होंने जानकारी दी कि कोटखाई उपमंडल की लगभग 95 प्रतिशत सड़कों को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष सड़कों की बहाली का कार्य तेज़ी से जारी है। इससे बागवानों को सेब की फसल समय पर मंडियों तक पहुंचाने में बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधीन करीब 300 सड़कें हैं, जिनमें से भारी बारिश के चलते अब तक लगभग ₹170 करोड़ का नुकसान हुआ है। इनमें से अकेले ठियोग-हाटकोटी सड़क को ही ₹40 करोड़ का नुकसान हुआ है।
ठाकुर ने कहा कि सेब सीजन के बाद सड़कों की स्थायी मरम्मत, डंगे निर्माण और अन्य बहाली कार्य शुरू किए जाएंगे। इस समय सरकार की प्राथमिकता है कि बागवानों की उपज बिना बाधा के मंडियों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस सीजन में अब तक लगभग 1.5 करोड़ सेब पेटियां मंडियों तक पहुंचाई जा चुकी हैं, जो कुल उत्पादन का करीब 60% है। शेष उत्पादन को भी समय पर मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोटखाई उपमंडल के सभी 37 एप्पल कलेक्शन सेंटर सक्रिय कर दिए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से अब तक 11 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से 7 हजार मीट्रिक टन सेब आगे भेजा गया है।
ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित लोगों को यथाशीघ्र राहत और सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाना विभागों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि उपमंडल में अब तक 8 मकान पूरी तरह और 40 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा राहत मैनुअल में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए राहत राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है ताकि प्रभावित परिवारों को अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोटखाई उपमंडल में जल और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी गई है। इस दौरान उन्होंने आपदा के समय समर्पित कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा की और भविष्य में भी समन्वयपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया ताकि जनजीवन शीघ्र सामान्य हो सके।
इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, उपमंडलाधिकारी कोटखाई, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



