शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित शिमला की पेयजल और सीवरेज परियोजना में सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ल्ड बैंक द्वारा सरकार को जारी किए गए 587 करोड़ रुपये में से कार्यदायी कंपनी को केवल 250 करोड़ रुपये ही मिले हैं, जबकि शेष धनराशि कहां खर्च हुई या कहां अटकी है, इसका कोई जवाब सरकार के पास नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परियोजना का पैसा सरकार तक पहुंच चुका है, तो वह कंपनियों तक क्यों नहीं पहुंच पाया और ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि गायब होने के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। ठाकुर के अनुसार, यह लापरवाही सीधे तौर पर 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने वाली सतलुज पेयजल योजना को प्रभावित कर रही है, जिसे पूर्व सरकार ने 1825 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी थी। इस परियोजना के तहत पहले चरण में सतलुज से शिमला तक पानी लाने पर 370 करोड़ रुपये, दूसरे चरण में नई पाइपलाइनें बिछाने, टैंक निर्माण और 24×7 जलापूर्ति व्यवस्था पर 970 करोड़ रुपये तथा सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने पर 229 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा जारी धनराशि को रोकने अथवा कंपनी तक न पहुँचाने की वजह से संपूर्ण परियोजना संकट में है और इसके समय पर पूरा होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि चिट्टे का प्रकोप महामारी की तरह फैल रहा है, जबकि सरकार केवल इवेंट और हेडलाइन मैनेजमेंट में लगी है। उन्होंने कहा कि नशे के ओवरडोज़ से लगातार मौतें हो रही हैं, इस साल यह संख्या 30 से अधिक बताई जा रही है, लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। पुनर्वास केंद्रों की अव्यवस्थित स्थिति और निजी केंद्रों में होने वाली हिंसा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार को तत्काल कठोर कदम उठाने चाहिए और भाजपा इस अभियान में सरकार के साथ खड़ी है। इसी दौरान, संजौली में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “मन की बात” कार्यक्रम सुनने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिला कबड्डी टीम और ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धियों की सराहना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, विशेषकर हिमाचल की बेटियों का वर्ल्ड कप कबड्डी में महत्वपूर्ण योगदान बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड फॉर वर्ल्ड’ का विज़न भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से न केवल स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को मजबूती मिलती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक अपनी भूमिका निभाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि सभी लोग स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लें, जिससे भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की प्रक्रिया को और गति मिल सके।
वर्ल्ड बैंक फंड पर सवाल, नशे पर निशाना – जयराम का प्रहार
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