हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का आगाज विपक्ष के तीखे हमलों के साथ हुआ। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर पिछले तीन वर्षों से सदन के भीतर और बाहर बार-बार असत्य और भ्रामक बयान देने का गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा।
सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री से सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता की अपेक्षा होती है, लेकिन वर्तमान सरकार लगातार संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं धरातल पर असफल हैं और केवल विज्ञापन और प्रचार पर केंद्रित हैं। विपक्ष ने आंकड़ों के जरिए कई विसंगतियां उजागर कीं। उदाहरण के लिए, महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह देने की योजना में वास्तविक खर्च और लाभार्थियों की संख्या में मेल नहीं है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत केवल 114 बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण का लाभ मिला, जबकि लगभग 4,000 बच्चे उपेक्षित रहे। कृषि योजनाओं में भी लाभ कम और लाभार्थी बहुत कम रहे।
जयराम ठाकुर ने पूर्व भाजपा सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार की योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण पेश करते हुए कहा कि पूर्व सरकार के दौरान करोड़ों रुपये का बजट और लाखों लाभार्थियों तक योजनाएं पहुंची थीं, जबकि वर्तमान सरकार की योजनाएं केवल प्रचार तक सीमित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा मुख्यमंत्री के हर झूठ का पर्दाफाश करेगी। अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो इस महत्वपूर्ण विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) की दिशा तय करेंगे।



