हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग की बैठक आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस. पी. कत्याल की अध्यक्षता में सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष ने नव-नियुक्त सदस्यों का स्वागत किया और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत आयोग की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लाभ पहुंचाना आयोग की प्रमुख जिम्मेदारी है।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, जिला स्तर पर अधिकारियों की भागीदारी बढ़ाने और निगरानी एवं शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान आयोग की गतिविधियों और प्राथमिकताओं की समीक्षा भी की गई, जिसमें लाभार्थियों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निपटारे, नियमित फॉलोअप और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाने और अभिलेखों के उचित रखरखाव के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। खाद्यान्न की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने, जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा लाभार्थियों से सीधे संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अंत में अध्यक्ष डॉ. कत्याल ने सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए राज्य में खाद्य सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।



