जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) शिमला के तहत राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) समिति ने जिले में चल रहे भूस्खलन न्यूनीकरण कार्यों की प्रगति और निधि उपयोग की विस्तृत समीक्षा की।
यह निरीक्षण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योति राणा के निर्देशन में किया गया, जिसमें विभिन्न परियोजना स्थलों का दौरा कर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें एडवांस स्टडी चौक से बालूगंज चौक तक सड़क पर भूस्खलन रोकथाम कार्य, गुम्मा-पुजालीबागी सड़क की सुरक्षा परियोजना तथा गुम्मा-बागी-नारकंडा (MDR-54) मार्ग पर चल रहे भूस्खलन न्यूनीकरण उपाय शामिल रहे।
समिति ने कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ज्योति राणा ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य भूस्खलन की घटनाओं को कम करना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्यों को तेजी से पूर्ण करने और निधि के पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग पर बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे कार्यों की नियमित निगरानी जारी रहेगी।



