जिला शिमला में 15 जून 2026 को 10वीं मेगा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बादल फटने, भूकंप और जंगल में आग जैसी आपदा स्थितियों से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया जाएगा।
इस संबंध में मंगलवार को जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता शिमला शहरी की उपमंडल दंडाधिकारी ओशिन शर्मा ने की। बैठक में सभी उपमंडल दंडाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
अधिकारियों ने बताया कि इस मेगा मॉक ड्रिल का उद्देश्य जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा करना, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना तथा विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
मॉक एक्सरसाइज को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहला सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा दूसरा सत्र शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक होगा। बादल फटने की स्थिति का अभ्यास रामपुर और सुन्नी में किया जाएगा, जबकि जंगल में आग की स्थिति पर अभ्यास तारा देवी क्षेत्र में होगा। इससे पहले 12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज भी आयोजित की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि उपमंडल स्तर पर एसएचओ स्तर के अधिकारी ऑब्जर्वर होंगे, शहरी क्षेत्रों में सीआईएसएफ के अधिकारी फील्ड ऑब्जर्वर के रूप में तैनात रहेंगे, जबकि इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में सेना के अधिकारी निगरानी करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम भी शहरी क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।
उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में इंसिडेंट रिस्पांस टीम सक्रिय करने और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के लिए स्थानों का चयन शीघ्र कर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचित किया जाए तथा सभी रिपोर्ट समय पर भेजी जाएं।



