शिमला शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने सब्जी मंडी, अनाज मंडी, लकड़ी मंडी और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की दिशा में अहम पहल शुरू कर दी है। इस संबंध में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि इन प्रमुख मंडियों और प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए मेहली के निकट लगभग 300 बीघा भूमि चिन्हित की गई है, जिसका संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण में राजस्व विभाग, एपीएमसी, परिवहन विभाग, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
अनुपम कश्यप ने कहा कि शहर में वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और प्रमुख बाजारों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडियों और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मेहली के समीप प्रस्तावित 300 बीघा भूमि इस परियोजना के लिए उपयुक्त पाई गई है। यह क्षेत्र निर्माणाधीन मेहली-शोघी फोरलेन के निकट होने के कारण परिवहन की दृष्टि से भी सुविधाजनक रहेगा, जिससे व्यापारियों, आढ़तियों और आम लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।



