शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक हैं, बल्कि उनके चरित्र निर्माण और जीवन में अनुशासन विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है, जो भविष्य में सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
रोहित ठाकुर आज रोहड़ू के शीलघाट में आयोजित 50वीं बुशहर क्रिकेट खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय युवक मंडल को आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद इस तरह की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि बुशहर कप न केवल एक खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक परंपरा बन चुकी है, जो पिछले 50 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में कबड्डी और वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों का आयोजन होता रहा है, जिसमें स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ उत्तर भारत के कई राज्यों के खिलाड़ी भी भाग लेते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जुब्बल के डकैड़ गांव के समीप 17 करोड़ रुपये की लागत से शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। शीघ्र ही शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। इस परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।
बागवानी के महत्व पर चर्चा करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब राज्य की आर्थिकी की रीढ़ है और इसके हितों की रक्षा के लिए सरकार अन्य सेब उत्पादक राज्यों के साथ मिलकर केंद्र सरकार से चर्चा करेगी।
इस अवसर पर उन्होंने युवक मंडल शील को 75 हजार रुपये देने की घोषणा भी की। प्रतियोगिता में फागु टीम विजेता और ननखड़ी टीम उपविजेता रही, जिन्हें मुख्य अतिथि ने क्रमशः 3 लाख और 1.50 लाख रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।



