शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2026 से सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसी प्लेटफॉर्म से स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से नीट, जेईई मेन्स और जेईई एडवांस में चयनित विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार सम्मानित करेगी। अधिकारियों को सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, लंबित पदोन्नतियों के शीघ्र निपटारे और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश भी दिए गए।
दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर मॉडल पर एक वर्ष के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में शिक्षक पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में बदलाव, 11 विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ अभियान के लिए चयन, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की समीक्षा और 124 पीएम श्री स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी के 91 प्रतिशत उपयोग की जानकारी भी साझा की गई।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में सरकारी स्कूलों के 36 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और 6 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस उत्तीर्ण किया है। इन सभी विद्यार्थियों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी।
बैठक में शिव नाडर फाउंडेशन के साथ हुए समझौते के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 6 से 12 तक आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने तथा जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक के नए पद सृजित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
रोहित ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता से शिक्षा विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।



