पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए विश्वविद्यालयों में बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार नौणी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में भारी बढ़ोतरी से छात्र और अभिभावक परेशान हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि विरोध के बाद फीस में मामूली कमी कर सरकार इसका प्रचार कर रही है, जबकि छात्रों की वास्तविक समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी बढ़ी हुई फीस वहन करने में सक्षम नहीं हैं और प्रवेश लेने को लेकर भी असमंजस में हैं। उन्होंने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने पुराने फीस ढांचे के आधार पर प्रवेश के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रवेश के समय अचानक फीस बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों की फीस कई निजी संस्थानों से भी अधिक हो गई है, जिससे आम परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा मुश्किल होती जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने एचआरटीसी बस किराये में मिल रही रियायतों में कटौती की संभावित योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर है और रियायतों में कमी से बुजुर्गों, मरीजों, छात्रों और आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सुविधाएं कम कर रही है और प्रदेश के छात्र, युवा, महिलाएं, बीमार तथा बुजुर्ग सभी परेशान हैं।
जयराम ठाकुर ने बल्क ड्रग पार्क को लेकर भी सरकार से तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हिमाचल के औद्योगिक विकास और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे हजारों करोड़ रुपये का निवेश और 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को श्रेय लेने के बजाय परियोजना को समय पर पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।
इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार की 120वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश के गठन, विकास और पहचान निर्माण में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार के विकास दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है।



