बचत भवन में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कंसल्टेटिव समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान जिले में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन, ऋण वितरण की स्थिति और बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव के कारण पात्र लोग सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जागरूकता गतिविधियां चलाएं, ताकि बैंकिंग सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक जिले में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 1,95,161 खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 129.87 करोड़ रुपये की राशि जमा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत सुरक्षा बीमा योजना में 4.14 लाख से अधिक, जीवन ज्योति बीमा योजना में 1.75 लाख से अधिक तथा अटल पेंशन योजना में 90,825 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 63 स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर 1.31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है, जबकि मुद्रा योजना के तहत 6,021 खातों के माध्यम से 138.74 करोड़ रुपये का ऋण बांटा गया है।
वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए बताया गया कि समीक्षा अवधि (मार्च से जून 2026) के दौरान जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात सुधरकर 48.98 प्रतिशत हो गया है। इस दौरान कुल जमा राशि में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि बैंक अग्रिम बढ़कर 21,633.83 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। प्राथमिकता क्षेत्र के तहत कृषि क्षेत्र में 5.30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,478.49 करोड़ रुपये और MSME क्षेत्र में 10.93 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,510.07 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। साथ ही शिक्षा और आवास ऋण के क्षेत्रों में भी सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बैठक के अंतिम चरण में बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) पर भी चर्चा की गई। आंकड़े बताते हैं कि कृषि क्षेत्र में 10,403 खाते NPA श्रेणी में हैं, जिनमें 345.43 करोड़ रुपये (कुल अग्रिम का 1.60%) की राशि फंसी हुई है। वहीं MSME क्षेत्र में 5,233 खाते NPA हैं, जिनकी कुल राशि 304.83 करोड़ रुपये (कुल अग्रिम का 1.41%) है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के साथ-साथ सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बैंकिंग तंत्र को और अधिक जन-सुलभ बनाने और वित्तीय समावेशन को मजबूती देने के निर्देश दिए।
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