आईची-नागोया 2026 एशियाई खेलों के सिलसिले में अध्ययन एवं एक्सपोज़र दौरे पर जापान गए हिमाचल प्रदेश के छह सदस्यीय उच्चस्तरीय शिष्टमंडल ने टोक्यो स्थित जापान ओलंपिक संग्रहालय का दौरा किया। युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य खेल प्रशासन, एथलीट विकास, आधुनिक खेल अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और खेल संस्कृति के प्रोत्साहन में अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी हासिल करना है।
इस अध्ययन दल में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक कमलेश ठाकुर व विवेक शर्मा, सचिव प्रियंका बासु इंग्टी तथा युवा सेवाएं एवं खेल निदेशक शिवम प्रताप सिंह शामिल हैं। एक्सपोज़र कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आईची-नागोया एशियाई खेलों में अपनाई जा रही ‘एथलीट-केंद्रित’ रणनीति, मौजूदा खेल सुविधाओं के कुशल उपयोग, आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के प्रसार से जुड़ी बारीकियों को समझा।
दौरे के बाद खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने बताया कि जापान ओलंपिक संग्रहालय ने जापान के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम, ओलंपिक विरासत और एथलीट विकास मॉडल की महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान की है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के मल्टीमीडिया और इंटरैक्टिव प्रदर्शन यह दर्शाते हैं कि कैसे खेलों के इतिहास और उपलब्धियों का उपयोग युवाओं को खेल के प्रति आकर्षित करने तथा उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
खेल मंत्री ने आगे कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को तराशने और आधुनिक तकनीक के उपयोग में जापान का अनुभव हिमाचल प्रदेश के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। राज्य सरकार ऐसे सभी उपयुक्त अभ्यासों और मॉडलों को अपनाने की संभावना तलाशेगी, जिससे प्रदेश में खेल विकास को मजबूती मिले और युवा एथलीटों को बेहतर सुविधाएं व अवसर प्रदान किए जा सकें।
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