हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने प्रथम महिला बिंदु गुप्ता के साथ आज शिमला स्थित ऐतिहासिक संकट मोचन हनुमान मंदिर में शीश नवाया और प्रदेशवासियों की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान राज्यपाल ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया तथा शिमला की अगाध आस्था और समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
इस पावन अवसर पर राज्यपाल ने पूज्य संत बाबा नीम करौली महाराज को नमन करते हुए उनके आध्यात्मिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि संकट मोचन मंदिर के इतिहास और परंपराओं में बाबा नीम करौली महाराज का विशेष स्थान है। बाबा नीम करौली महाराज ने इस शांत और सुरम्य स्थल पर ध्यान-साधना में समय बिताया था और यहाँ भगवान हनुमान को समर्पित मंदिर की स्थापना की इच्छा जताई थी। उनकी इसी दिव्य प्रेरणा और दृष्टि के फलस्वरूप मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ हुआ और वर्ष 1966 में इस पावन धाम की प्रतिष्ठा की गई।
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि संकट मोचन मंदिर जैसे पवित्र स्थान न केवल जनमानस को आत्मिक शांति और संबल प्रदान करते हैं, बल्कि वे हिमाचल प्रदेश की सुदीर्घ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के जीवंत प्रतीक भी हैं।


