हिमाचल को ‘हरित ऊर्जा राज्य’ बनाएगी प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

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Supreme Court Allows Khair Tree Felling In Himachal Pradesh Forests
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युवाओं मंे उद्यमिता को बढ़ावा देने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राजीव गांधी स्वरोजगार योजना-2023 शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में प्रदेश मंत्रिमंडल ने इस महत्त्वकांक्षी योजना को शुरू करने की मंजूरी दी है। यह योजना हिमाचल को वर्ष-2026 तक देश का पहला ‘हरित ऊर्जा राज्य’ बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।


इस योजना के तहत राज्य के युवाआंे कोई-टैक्सियां, ई-बसें, ई-ट्रक खरीदने और एक मेगावाट तक वाणिज्यिक सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए प्रोत्साहन, रियायतें और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के साथ इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर दृढ़ता से काम कर रही है। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना से एक ओर जहां स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलंेगे वहीं दूसरी ओर सरकारी विभाग इलेक्ट्रिक वाहन सेवा प्रदाताओं की सेवाएं प्राप्त करने में भी सक्षम होंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को व्यापक विस्तार देेने के लिए दंत क्लीनिक स्थापित करने के लिए मशीनरी और उपकरणों की खरीद और मत्स्य पालन पर आधारित परियोजनाओं और इसके प्रसंस्करण को भी इस इसके दायरे मंे लाया गया है। सरकार द्वारा 60 लाख तक के संयंत्र और मशीनरी की खरीद पर 25 प्रतिशत के निवेश अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को 30 प्रतिशत अनुदान और सभी महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों और दिव्यांगजनों को 35 प्रतिशत उपदान का प्रावधान है। इनई-वाहनों की खरीद के लिए अनुदान का हिस्सा समान रूप से 50 प्रतिशत होगा, जबकि एक मेगावॉट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए यह पात्र श्रेणियों के लिए 40 प्रतिशत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न केवल स्थानीय युवाओं को अनुदान देकर निजी क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रयासरत है, बल्कि सरकारी क्षेत्र में विभिन्न पदों पर भर्ती भी कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में अकेले प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के लगभग 5300 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है और इन्हें भरने की प्रक्रिया शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रारंभ की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसरप्रदान करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है।    

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