अँधेरा बनाम अपराधी : कार्तिक मखिजा

Date:

Share post:

कार्तिक मखिजा

एक नामी सोसाइटी में पारित और उसका परिवार रहता था। पारित के परिवार में उसके माता-पिता और एक बड़ा भाई था। पारित परिवार में सबसे छोटा था और स्वभाव से बहुत ज्यादा शरारती भी था। हर रोज वह घर में किसी न किसी कारण से कोलाहल मचा रखता था। बहुत ज्यादा जल्दी वह किसी चीज से डरता भी नहीं था इसलिए उसको संभालना इतना आसान नहीं था पारित को अगर किसी चीज से डर लगता था तो बहुत था अंँधेरा। वहां अंधेरे से बहुत ज्यादा डरता था इसलिए जब कभी वह नियंत्रण में ना आ रहा होता तो उसे अंधेरे कमरे में बंद करने की धमकी दे देते। डर के मारे पारित एकदम चुप हो जाता।

पारित के पड़ोस में एक झगड़ालू परिवार रहता था। हर रोज किसी न किसी के साथ उनके मतभेद चला रहता था। सब लोग उनसे परेशान थे कोई भी उन्हें पसंद नहीं करता था।पारित का दोस्त इस परिवार में रहता था बारिश के माता पिता उसे समझाते थे कि वह उसके साथ ना खेले क्योंकि उसके माता-पिता बहुत झगड़ालू है,लेकिन पारित यह करने के लिए तैयार ही नहीं था क्योंकि वह उसका सबसे प्यारा मित्र था। एक बार पारित की सोसाइटी में एक नया परिवार रहने आया। कुछ दिनों के बाद सबको पता चला कि है उसे परिवार का मुखिया कारगिल के युद्ध में अपना अतुल्य योगदान दे चुका है और वह बहुत ज्यादा वीर है,तो सभी उनसे मिलने और बातचीत करने के लिए उत्सुक होने लगे। प

पारित भी अपने माता-पिता के साथ उनसे मिलने गया था। इस समय उसके मित्र और उसकी झगड़ालू परिवार भी वहां पर उपस्थित था। सब लोग कारगिल के उसे वीर योद्धा की बातें सुनकर बहुत गौरव महसूस कर रहे थे और उससे प्रेरणा ले रहे थे। बातों-बातों में योद्धा ने समझाया कि यदि किसी के अंदर बल है तो उसे बल का प्रयोग छोटे-मोटे झगड़ों में नहीं लगाना चाहिए बल्कि देश की सेवा के लिए करना चाहिए। और इसके साथ-साथ उसने अपने कारनामे और कारगिल में लड़ी गई लड़ाई का आंखों देखा हाल भी उन्हें सुनाया। यह देखकर झगड़ालू परिवार भी काफी प्रेरित हुआ। उसे झगड़ालू परिवार का मुखिया इंजीनियर था और हमेशा नए-नए प्रयोग करता रहता था। उसने एक ऐसी छोटी मशीन का निर्माण किया था जिसे आप शर्ट की कॉलर में लटका सकते थे और मुसीबत आने पर उसका बटन दबाकर सामने वाले को 10 मिनट के समय के लिए अंधा कर सकते थे।

लेकिन उसका यह आविष्कार प्रसिद्ध नहीं हो पा रहा था क्योंकि यह कोई इतनी बड़ी बात नहीं थी। एक दिन शाम के समय सभी बच्चे सोसाईटी के पार्क में खेल रहे थे। पारित भी अपने मित्र के साथ भागने दौड़ने में व्यस्त था। तभी अचानक पुलिस की गाड़ियां घोषणा करती हुई आई कि उसे एरिया में कोई बहुत बड़ा अपराधी छिपा हुआ है और सभी लोग अपनी-अपनी सुरक्षा पर ध्यान दें। यह सुनते ही सारे लोग अपने घरों में बंद हो गए। पारित और उसका मित्र दौड़ रहे थे यह सुनते ही पारित अपने मित्र के घर में चला गया और दोनों शरारती घर के पीछे के एक टूटे-फूटे स्टोर में छुप कर एक अंधेरे कमरे से अपराधी को देखने की लालसा से बैठ गए। मौसम खराब था बिजली बहुत जोरों से चमक रही थी जो थी कि इतने में लाइट चली गई। जेनरेटर हाउस में कोई उसे चलाने वाला नहीं था क्योंकि अपराधी के घरों में बंद हो गए थे।

पारित को बहुत ज्यादा डर लग रहा था क्योंकि वह अंधेरे से बहुत डरता था, लेकिन उसका मित्र साथ था और बार-बार उसे हिम्मत दे रहा था। वह खिड़की से बाहर देख रहे थे कि उन्हें एहसास हुआ कि उसे कमरे के पीछे की खिड़की टूटी हुई है। परित ने अपने मित्र को बताया कि अपराधी वहां से अंदर आ सकता है। तब पारित के मित्र ने वह छोटी सी मशीन दिखाते हुए कहा कि यह उसके पापा ने बनाई है और अगर कोई आ गया तो वह उसकी 10 मिनट के लिए अंधा करके भाग जाएगे। अब दोनों में हिम्मत आ गई। दूसरी और दोनों के घर वाले बहुत परेशान थे क्योंकि उनका दोनों बच्चे नहीं मिल रहे थे उन्होंने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट लिखा दी। पुलिस सोसाइटी में आई जिसमें की एक महिला पुलिसकर्मी भी थी। वह बच्चों के माता-पिता से बात कर रहे थे और लोगों से पूछताछ।

इधर पारित और उसका मित्र मशीन के बारे में चर्चा कर रहे थे कि उन्हें एक अजीब सी आवाज आनी सुनाई दी उन्होंने गौर से सुना तो वह किसी के खर्राटों की आवाज थी। वहां आवाज की तरफ स्टोर में गए तो उन्होंने देखा कि वहां पर एक आदमी पुराने से टेबल के नीचे सो रहा है। उसे देखते ही दोनों बहुत घबरा गए क्योंकि उन्हें लगा वह अवश्य ही अपराधी होगा। परंतु डर के मारे दोनों की आवाज नहीं निकल रही थी वह दुबक के एक ओर बैठ गए। एक-दूसरे को पड़कर मुंह पर हाथ लगाए रोने लगे। दोनों को बहुत डर लग रहा था और अपने माता-पिता की याद भी आ रही थी। इतनी ही देर में किसी ने जोर से दरवाजा खोला। दोनों ने घबरा कर दरवाजे की ओर देखा तो एक महिला पुलिसकर्मी वहां खड़ी थी।

जैसे ही वह अंदर बड़ने लगी वह आदमी उठ खड़ा हुआ, और पुलिस करने को सामने देखते ही उसने वहां पर पड़ी हुई एक लोहे की पाइप से उस पर हमला करना चाहा, पारित के हाथ में वह छोटी मशीन थी पता नहीं उसमें इतनी हिम्मत कहां से आ गई कि वह एकदम उठा और उसने उसे मशीन का बटन दबा दिया, अब अपराधी को दिखना बंद हो गया जिसका फायदा उठाकर पुलिस कर्मी ने उसको मारा और फिर बंदी बना लिया। यह देखकर पारित को बहुत हिम्मत आ गई और वह उछल-उछलकर खुशी मनाने लगा और तालियां बजाने लगा। इतने में वहां सोसाइटी के और लोग भी आ गए। महिला पुलिसकर्मी ने पारित की बहुत तारीफ की और उसे समझाया कि कभी भी अपने माता-पिता के बगैर कहीं नहीं जाना चाहिए।

पारित और उसके मित्र को तो यह बात पहले ही समझ में आ गई थी। सब खुश थे कि अपराधी पकड़ा गया। पारित के माता-पिता खुश थे कि उन्हें पारित सही-सलामत वापस मिल गया। झगड़ालू परिवार खुश था कि उनका बनाया हुआ उपकरण कम से कम किसी काम तो आया। लेकिन सबसे ज्यादा खुश पारित था क्योंकि अब उसे अंधेरे से डर नहीं लगता था।उसने अंधेरे पर से अपने डर को हमेशा गायब कर दिया था।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Keekli Bureau
Keekli Bureau
Dear Reader, we are dedicated to delivering unbiased, in-depth journalism that seeks the truth and amplifies voices often left unheard. To continue our mission, we need your support. Every contribution, no matter the amount, helps sustain our research, reporting and the impact we strive to make. Join us in safeguarding the integrity and transparency of independent journalism. Your support fosters a free press, diverse viewpoints and an informed democracy. Thank you for supporting independent journalism.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

BCS Alumnus Vishwesh Negi Appointed India’s Ambassador to Iran

Bishop Cotton School, Shimla, proudly congratulates its esteemed alumnus, Vishwesh Negi (IFS: 2002), on his appointment by the...

This Day in History

1492 Christopher Columbus began his first voyage from Palos de la Frontera, Spain, with three ships — Santa María,...

India’s Lifting Legends Shine After Glasgow Triumph

Union Minister for Youth Affairs and Sports Dr. Mansukh Mandaviya felicitated India’s Commonwealth Games 2026 weightlifting medallists for...

Nari Shakti Shines at Commonwealth Games

Union Minister of Women and Child Development  Annpurna Devi has lauded the exceptional performance of India’s women athletes...