अनुसूचित जाति समुदाय तक प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला शिमला की विभिन्न अनुसूचित जाति बहुल ग्राम पंचायतों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुमोदित सांस्कृतिक दलों ने गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं एवं उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
अभियान के तहत भगवती सांस्कृतिक मंडल, शंठा (चौपाल) ने ग्राम पंचायत नेरवा के धारटुआ और ग्राम पंचायत केदी के बटेवड़ी गांव में कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं, शिवरंजनी सांस्कृतिक दल बलग ने ग्राम पंचायत बलग के कोट और जैस में तथा हिम आधार कला मंच, नालदेहरा ने ग्राम पंचायत पुजारली-3 और पुजारली बाजार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
कलाकारों ने लोगों को अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले पात्र परिवारों को अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत सिलाई मशीन तथा बढ़ई और लोहार कार्य के लिए औजार उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा, बीपीएल तथा दो लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को निःशुल्क एक वर्षीय पीजीडीसीए/डीटीपी कंप्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिला विकलांगता बोर्ड से 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित पात्र अभिभावकों को 1,150 रुपये प्रतिमाह तथा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लाभार्थियों को 1,700 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाती है।
सांस्कृतिक दलों ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ नशा मुक्ति, एंटी-चिट्टा अभियान और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया।
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