त्योहारी सीजन की चमक के बीच सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले पटाखा कारोबारियों पर जिला प्रशासन और शिमला पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सख्त तेवर दिखाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में बिना अनुमति अवैध रूप से पटाखे बेचने या उनका असुरक्षित भंडारण करने वालों पर सीधी कानूनी गाज गिरेगी। कश्यप ने साफ शब्दों में कहा कि त्यौहारों की खुशियों में आगजनी का खतरा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
प्रशासन के इस कड़े रुख का असर अब धरातल पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में रामपुर के तलाई (नोगली) में पुलिस की एक विशेष टीम ने छापेमारी करते हुए एक दुकान से अवैध रूप से छिपाकर रखे गए पटाखों के 22 बड़े कार्टन जब्त किए हैं। इस मामले में रामपुर निवासी दीपक बंसल के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में एफआईआर (संख्या 119/26) दर्ज कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 व 288 और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी के तहत शिकंजा कसा गया है, जबकि जब्त पटाखों को बुशहर हाउस में सुरक्षित रखकर हेड कांस्टेबल सुरेंद्र द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है।
उपायुक्त ने याद दिलाया कि पटाखों का भंडारण और व्यापार विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के कड़े प्रावधानों के अधीन आता है, जिसका उल्लंघन करना एक गंभीर अपराध है। त्योहारी सीजन में आम जनमानस की सुरक्षा को अपनी प्राथमिक दायित्व बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस और रिहाइशी या संकरे इलाकों में पटाखे रखना किसी बड़े हादसे को न्योता देना है।
इसी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी पटाखा विक्रेताओं को तुरंत आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने और केवल निर्धारित स्थलों पर ही दुकानें सजाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें। जिला प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर पूरे जिले पर बनी हुई है और नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर यह सख्त कार्रवाई आगे भी बिना किसी रियायत के जारी रहेगी।
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