घर-घर राशन पहुँचाने के लिए एक्शन मोड में शिमला प्रशासन

Date:

Share post:

शिमला जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बचे हुए लक्ष्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। उपायुक्त ने राशन डिपो में फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जिन सोसायटियों ने डिपो को दूसरे लोगों के नाम सबलेट (किराए पर) कर दिया है, उनके लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नई पंचायतों में उचित मूल्य की दुकान केवल वहीं खोली जाएगी जहाँ पहले से कोई डिपो संचालित न हो रहा हो।

समीक्षा बैठक के दौरान जिले में राशन वितरण के आंकड़ों पर विस्तृत चर्चा की गई। आंकड़ों के अनुसार, शिमला के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 3,74,345 लाभार्थियों को कवर करने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2,61,336 लोगों को योजना से जोड़ा जा चुका है, जबकि 1,13,009 लोग अभी भी शेष हैं। ग्रामीण इलाकों में चौपाल में 50,082, ठियोग में 36,662, रामपुर में 31,413 और मशोबरा में 29,584 लोगों को राशन सुविधा का लाभ मिल रहा है। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में प्रगति धीमी पाई गई है जहाँ 62,445 के कुल लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 8,089 लाभार्थियों को ही कवर किया जा सका है। इनमें नगर निगम शिमला में 6,267, ठियोग में 439 तथा रामपुर में 402 लोगों को योजना के तहत जोड़ा गया है।

बैठक में जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि के खाद्यान्न आवंटन की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 1,698 क्विंटल आवंटित चावल में से 1,402 क्विंटल और 1,402 क्विंटल आवंटित फोर्टिफाइड गेहूं के आटे में से 1,704 क्विंटल का वितरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। उपायुक्त ने खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal), गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण सहायता तथा छोटे बच्चों के पौष्टिक आहार की योजनाओं में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर विशेष बल दिया।

इसके अतिरिक्त, आम जनमानस को उनके घर के समीप ही आसानी से राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शिमला शहर और विभिन्न विकास खंडों में 19 से अधिक नए स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने का खाका तैयार किया है। इनमें जुब्बल के झगटान व भोलाड़, नारकंडा के खनेटी व बड़ागांव, रामपुर के सनारसा व व्युथल, चौपाल के नेरवा व गोरली, रोहड़ू के शीलघाट व पुजारली, शिमला शहर के कुफ्टाधार, लोअर खलीनी, आईएसबीटी टूटीकंडी के पास तथा जतोग कैंट जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को तुरंत प्रभाव से योजनाओं से जोड़कर राहत पहुंचाई जाए।

 

बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर कड़ा रुख: कटेगा चालान, होगी FIR

Sponsored

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

करवा चौथ : आस्था, परंपरा और अटूट प्रेम का पर्व

डॉ. कमल के. प्यासा - मंडी उत्तर भारत के तीज-त्योहारों में करवा चौथ का त्योहार अपना विशेष स्थान रखता...

रैम्प परियोजना के तहत केलांग में कॉन्क्लेव आयोजित, 40 उद्यमी हुए जागरूक

जनजातीय जिले लाहौल एवं स्पीति के मुख्यालय केलांग में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई उड़ान...

Himachal to Hire 3,100 Teachers for CBSE Govt Schools

In a major push to revolutionize public education, the Himachal Pradesh government has approved the engagement of 3,100...

बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर कड़ा रुख: कटेगा चालान, होगी FIR

त्योहारी सीजन की चमक के बीच सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले पटाखा कारोबारियों पर जिला प्रशासन और शिमला...