पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी प्रतिस्पर्धा और भड़ास का परिणाम नेताओं की बदजुबानी और बेबुनियाद आरोपों के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक मर्यादा तोड़कर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और हर मंच पर प्रदेश के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “खुद को बड़ा दिखाने के लिए संविधान की किताब लेकर चलने का चलन” शुरू हो गया है, लेकिन व्यवहार में उसकी अनदेखी की जा रही है।
जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पिछले तीन वर्षों में पूर्व भाजपा सरकार की योजनाओं को रोकने, बजट बंद करने और लाभार्थियों के नाम काटने का काम किया। उन्होंने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश ने प्रभावी प्रबंधन किया, कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका और विकास कार्य जारी रखे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि सदन में तीन बार गलत बयान दिए गए, जिनका दस्तावेजों के आधार पर खंडन किया गया है। उन्होंने वित्त सचिव के पत्र, सीपीएस मामले में कानूनी खर्च और आपदा प्रभावित सड़कों की बहाली के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार तथ्यों को छिपा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कई नेता आगामी चुनाव को लेकर असमंजस में हैं और अपने लिए सुरक्षित सीट तलाश रहे हैं।



