शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि दिसंबर माह में हिमाचल प्रदेश में तीन राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी, जिनके लिए 1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इन प्रतियोगिताओं में देश के 36 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से खिलाड़ी भाग लेंगे। इनमें अंडर-14 बालक वॉलीबाल, तथा अंडर-19 बालक हैंडबॉल और कबड्डी की प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी।
शिक्षा मंत्री आज अपने गृह क्षेत्र जुब्बल में स्थित ‘ठाकुर रामलाल स्वर्ण जयंती राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जुब्बल’ में आयोजित राज्य स्तरीय अंडर-14 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करने पहुंचे। उन्होंने प्रदेशभर से आई 507 छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस प्रतियोगिता में 12 जिलों और एक खेल छात्रावास की टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें वॉलीबाल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसी प्रतियोगिताएँ हो रही हैं।
अपने संबोधन में ठाकुर ने कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। खेल न केवल स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले चुकी है — जिनमें खिलाड़ियों की डाइट मनी 120 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये प्रतिदिन करना और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करना शामिल है।
प्रदेश में वर्तमान में 9 खेल छात्रावास संचालित हैं। इनमें से ठाकुर रामलाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जुब्बल (कन्या) छात्रावास सबसे बड़ा छात्रावास बनकर उभरा है। 1987 में स्थापित इस छात्रावास में पहले केवल वॉलीबाल का प्रशिक्षण दिया जाता था, परंतु अब इसमें कबड्डी और बैडमिंटन भी शामिल कर लिए गए हैं। यहाँ वॉलीबाल और कबड्डी की 20-20 सीटों तथा बैडमिंटन की 15 सीटों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 2.27 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास का नया भवन निर्मित किया गया है, जिससे छात्राओं को और बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
इसके अतिरिक्त, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुब्बल के साइंस ब्लॉक का निर्माण 2.47 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि उनके दादा ठाकुर रामलाल, जो तीन बार मुख्यमंत्री और एक बार आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहे, स्वयं भी पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी रखते थे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जुब्बल में डकैढ़ गाँव में 17 करोड़ रुपये की लागत से शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है, जो इस क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बनेगा। साथ ही, आईटीआई जुब्बल का नया भवन भी नवंबर माह में जनता को समर्पित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ प्राप्त होंगी।


