लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार से लोक निर्माण और शहरी विकास विभागों को 4500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने प्रदेश को हर संभव सहयोग प्रदान किया है और आगामी नवंबर माह में 1500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिलने जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क मार्ग उपलब्ध होंगे और लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के पाहल पंचायत में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि पंचायत में पिछले ढाई वर्षों में 22 लाख रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बमौत लिंक मार्ग और चेवला-टबोग सड़क के लिए शीघ्र बजट प्रावधान का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए हर विकासात्मक लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने विधायक निधि से पंचायत को 5 लाख रुपये, विद्यालय में रसोईघर निर्माण व शौचालय मरम्मत के लिए 1.5 लाख रुपये, तथा छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए 11 हजार रुपये देने की घोषणा की।
मंत्री ने पाहल पंचायत में 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नेहवट घैणी–देवीदार सड़क, नयासेर खड्ड पर पुल निर्माण, तथा 1.2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पाहल–बैला घाट–कोटला संपर्क मार्ग का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय बमौत के परीक्षा केंद्र का लोकार्पण भी किया।
विक्रमादित्य सिंह ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कायना में 22 लाख रुपये की लागत से बनी साइंस लैब का शुभारंभ किया। यह लैब भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। उन्होंने विद्यालय में नया परीक्षा केंद्र और मिडिल स्कूल के तीन कमरों के निर्माण हेतु 3.5 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही, विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के लिए 21 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। 100 विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है और स्कूलों का युक्तिकरण बच्चों की संख्या के अनुसार किया जा रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि क्षेत्र में फाइन आर्ट्स कॉलेज की स्थापना का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह को जाता है। वर्तमान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डेढ़ वर्ष पूर्व इस कॉलेज का लोकार्पण किया था, जिससे आज प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है।

