हिमाचल प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हिमाचल के प्रमुख मंदिरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘हिमाचल के मंदिर’ प्रकाशित की। इसका विमोचन आज माननीय उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के कर कमलों से किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रकाशन प्रदेश की प्राचीन देव संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रहा है और यहां की लोक संस्कृति देव आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। प्रत्येक गांव में किसी न किसी देवता का वास होने के कारण हिमाचल की धार्मिक परंपराओं की समृद्ध झलक देखने को मिलती है।
इस कॉफी टेबल बुक में 51 प्रमुख मंदिरों का इतिहास, महत्व और आकर्षक छायाचित्र शामिल हैं। इसमें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना के मंदिर सम्मिलित हैं। यह पुस्तक शोधार्थियों, पर्यटकों, संस्कृति प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में 36 मंदिर हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम, 1984 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अधिगृहित किए जा चुके हैं और उनका प्रबंधन मंदिर न्यासों के माध्यम से किया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य मंदिरों के संरक्षण एवं रखरखाव के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर सहायता अनुदान भी प्रदान किया जाता है।



