February 23, 2026

हिमाचल में हरियाली का मास्टरप्लान, 2030 तक लक्ष्य

Date:

Share post:

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2030 तक वन क्षेत्र को बढ़ाकर 31 प्रतिशत करने के उद्देश्य से वन विभाग को एक व्यापक और चरणबद्ध रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को शिमला में वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे योजनाबद्ध और सतत तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसके दुष्प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बर्फ से ढका, बंजर अथवा पर्वतीय है, जहां पौधरोपण संभव नहीं है। ऐसे में वन विभाग को प्रत्येक जिले में पौधरोपण योग्य क्षेत्रों की पहचान कर चरणबद्ध योजना तैयार करनी चाहिए। साथ ही, स्थानीय प्रजातियों, फलदार और औषधीय पौधों के रोपण पर विशेष जोर देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नए वन क्षेत्र विकसित करने के साथ-साथ मौजूदा वनों के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए स्थानीय लोगों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पिछले वर्ष 924.9 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया गया। इस अभियान में 285 महिला मंडल, 70 युवक मंडल, 59 स्वयं सहायता समूह और 13 सामुदायिक संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत दो हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण के लिए समूहों को 2.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, साथ ही पौधों की जीवितता के आधार पर वार्षिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। इस योजना को लक्षित समूहों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में इस योजना के तहत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 3,376 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है, जबकि शेष 1,624 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की प्रक्रिया जारी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने वन विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

बर्फ के बीच पांगी में खौउल उत्सव

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

“The Quest for Wisdom” का भव्य विमोचन

त्रिभाषीय सूक्ति-संग्रह “The Quest for Wisdom – प्रज्ञाया: अन्वेषणम्” का द्वितीय संस्करण भारतीय नौसेना प्रमुख Dinesh Kumar Tripathi...

Fit India Cycle Drive Highlights CWG 2030 Hopes

India’s sporting ambitions received a major boost as top athletes welcomed the country’s successful bid to host the...

SANVAD 2026 : Nurturing India’s Next-Gen Scientists

The Indian Council of Medical Research (ICMR), under the Department of Health Research, Ministry of Health and Family...

This Day In History

1727 The first Saudi state was established by Muhammad bin Saud, an event now commemorated as Saudi Arabia’s Founding...