विश्व फार्मासिस्ट दिवस-2026 के अवसर पर शिमला के होटल मरीना में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश ऑल इंडिया गवर्नमेंट एंड प्राइवेट सेक्टर फार्मासिस्ट्स एसोसिएशन और चीफ फार्मेसी ऑफिसर्स एंड फार्मेसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
जनसभा को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का ‘नर्वस सिस्टम’ हैं। सही समय पर सही दवा उपलब्ध कराने से लेकर मरीजों को उचित परामर्श देने तक, स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रखने में उनकी भूमिका बेहद संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक, जैसे रोबोटिक सर्जरी, और आधुनिक मेडिकल उपकरण लाकर स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में हजारों मेडिकल व पैरामेडिकल पद भरे गए हैं, और फार्मासिस्टों के पदोन्नति (Promotion) चैनल को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. गोपाल बेरी ने फार्मासिस्टों को विभाग की ‘रीढ़ की हड्डी’ बताते हुए कोरोना काल में शत-प्रतिशत टीकाकरण में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में करीब 100 फार्मासिस्टों और 200 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, साथ ही बैचवाइज भर्ती भी जारी है। उप-निदेशक (फार्मासिस्ट) और जिला स्तर पर मुख्य फार्मासिस्ट ऑफिसर के नए पद सृजित करने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है।
CM Sukhu Calls for State-Centric Research in Private Universities


