शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गृह विधानसभा सभा क्षेत्र जुब्बल नावर कोटखाई में करोड़ों की लागत से विभिन्न परियोजनाओं लोकार्पण एवं शिलान्यास किये। शिक्षा मंत्री ने लगभग 5 करोड़ की लागत से बनने वाले चामशु पुल का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह पुल जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र को जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
पुल के बनने से रावीं, भोलाड़ और मांदल पंचायतों के निवासियों के साथ साथ पब्बर नदी के समीप रह रहे किसानों को भी लाभ होगा जिससे सरस्वती नगर में बने पुल पर भी वाहनों की आवाजाही भी कम होंगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस पुल के निर्माण की मांग स्थानीय निवासी बहुत लम्बे समय से कर रहे थे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य के निर्माण की स्वीकृति प्रदान हेतु मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।



शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 67 लाख रूपये की लागत से निर्मित “अंटी सभाड़” से “धारकोटी सेरटी” सड़क का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क सुविधा से क्षेत्र के लोगों को काफ़ी सुविधा मिलेगी और अपनी फसल को बाज़ार तक पहुँचाने में भी आसानी होगी। कुड्डू में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकास की दृष्टि से पिछले ढाई वर्ष में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
कुड्डू के साथ लगते खनाशनी और आसपास के क्षेत्र में 15 सड़कों का निर्माण हुआ है। पंद्राणु और सोलंग क्षेत्र में भी 6 सड़के पास हुई है। भवन निर्माण के दृष्टि से भी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पंद्राणु का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। नंदपुर स्कूल का भवन, दखरेंटू स्कूल का भवन, राथल स्कूल का भवन और इसके अतिरिक्त भी कई भवनों का निर्माण किया गया है।
जुब्बल के साथ साथ कोटखाई के अंतर्गत भी अनेक भवनों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि समय समय पर जनता से संवाद होना आवश्यक है जिससे कि धरातल की वास्तविक स्थिति का सही अंदाजा हो सके इसलिए वे अधिक से अधिक जनमानस के बीच रहने का प्रयास करते हैं। स्थानीय लोगों की मांगो पर उन्होंने आश्वासन देते हुए बताया कि प्राथमिकता के आधार पर उनकी मांगो को पूर्ण करने का प्रयत्न किया जायेगा।



शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए गंभीर है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। 2 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में संयुक्त निदेशक के 4 पद, उप निदेशक के 37 पद, कॉलेज प्रिंसिपल के 119 पद, स्कूल प्रिंसिपल के 313 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर के 483 पद और पीजीटी के 700 पदों को चयन आयोग और प्रमोशन के माध्यम से भरा गया । इसके अतिरिक्त भी हजारों की संख्या में अध्यापकों के पदों को भरा गया है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
विभाग में प्रशासनिक कार्यों में तीव्रता और दक्षता एवं संसाधनों के सदुपयोग के दृष्टिगत विभाग में प्री नर्सरी से 12वीं तक के लिए अलग तथा कॉलेज के लिए अलग निदेशालय बनाया गया है। इससे पूर्व स्कूली शिक्षा के दो निदेशालय हुआ करते थे किन्तु वर्तमान सरकार ने स्कूली शिक्षा को एक ही निदेशालय में लाने का निर्णय लिया है जिसके सुखद परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे ।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में जहां शिक्षा के स्तर में गिरावट के कारण हिमाचल का स्थान 20 वें पायदान से भी नीचे पहुंच गया था वहीं प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप असर की रिपोर्ट में हिमाचल पहले स्थान पर पहुंच गया है। सरकार इसे और अधिक सुधारने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार सरकार ने मेधावी छात्रों एवं शिक्षकों को विदेश यात्रा पर भी भेजा जा रहा है जिससे कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा की दिशा में बाहरी देशों से भी प्रेरणा ली जा सके।



शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने नशे के बढ़ते प्रभाव को कम करने की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किया है जिससे कि युवा पीढ़ी नशे के इस जाल से निकल सके। इस दिशा में उन्होंने पुलिस के द्वारा की जा रही करवाई की प्रशंसा की और इसे भविष्य में भी जारी रखने को कहा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हाटकोटी में दुर्गा देवी के मंदिर में शीश नवाया और माँ का आशीर्वाद लिया इस बीच शिक्षा मंत्री ने विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि मण्डलों से भी मुलाक़ात की और उनकी समस्याओं को सुना।
इस अवसर पर जुब्बल नावर कोटखाई के मण्डल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, ज़िला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा, निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष जुब्बल नावर कोटखाई दीपक कालटा, बीडीसी सदस्य बलबीर पोश्टा, स्थानीय पंचायत एवं साथ लगती पंचायतों के जन प्रतिनिधि, तहसीलदार जुब्बल, खंड विकास अधिकारी जुब्बल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।